85+ Gangster Shayari in Hindi – गैंगस्टर शायरी हिंदी में
गैंगस्टर कविता उन लोगों के लिए है जो अपनी शर्तों पर जीते हैं, वे लोग जो अपने नाम से नहीं बल्कि अपने व्यक्तित्व से जाने जाते हैं. यह कविता बहादुरी की भावना और दक्षिण के लोगों का वर्णन करती है. यह कविता उन लोगों के लिए बिल्कुल उपयुक्त है जो अपने सिद्धांतों पर चलते हैं और किसी के आगे झुकना पसंद नहीं करते. तो आइये इस gangster shayari in hindi को पढ़ना शुरू करें.
Gangster Shayari

मुझसे उलझा तो तेराअंजाम बुरा होगा, मेरा भी तुझे इंतकाम बुरा होगा,
जिंदगी को गुजन तेरे लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा, तेरी जिंदगी का हर टाइम सुबह शाम बुरा होगा.
मैं ना ही अंदर से समंदर हूं या बाहर से आसमान, बस मुझे उतना समझ जितना मैं नजर आता हूं.
जिस दिनहमारा अंदाज बदल गया तो समझ लेना आसमान पर भी हमारा राज हो गया.
यह धमकियां किसी और को देना भाई शरीफों के खानदान का सबसे बिगड़ा हुआ चिराग हूं मैं.
जिनको मेरी कोई फिक्र नहीं अब उनका कोई जिक्र नहीं.
लोग वाकिफ है मेरी आदतों से, रुतबा काम ही सही मगर लाजवाब रखता हूं.
हम खुलेआम दुश्मनी करने का दम रखते हैं मगर दिखावे की दोस्ती का नहीं.
मोहब्बत की इसलिए हर मां गया, जिद होती तो तुझे ऐसा बर्बाद करता, तेरी नस्ले भी याद कर कर रोटी.
Badmashi Shayari

किसी को जो उखाड़ना है उखाड़ने दो अपना क्या जाता है यह वक्त वक्त की बातें हैं वक्त सभी का आता है.
टूट कर मैं बिखर जाऊं वह दिल जला रही है मैं सिगरेट भी ना जालौन.
जब भी सारा शहर तुमसे जलने लगा तो समझ लेना तुम्हारा नाम चलने लगा.
तेरा गुरूर ऐसा तोड़ेंगे की देखने वाले भी हाथ जोड़ेंगे.
आग लगा देंगे उसे महफिल में जहां पर बगावत हमारे खिलाफ होगी.
मेरी खामोशी पर मत जा मैं हंसते-हंसते तेराहस्ती मिटाने का दम रखता हूं.
खौफ नहीं है किसी के बाप का जो दिल में आएगा वह ही करेंगे.
पूरे शहर में नाम चलता है हमारा हमारी फोटो लगी हुई हैं थाने मैं,
इसलिए शेर जैसा जिगरा चाहिए हमें हाथ लगाने के लिए.
बुरे काम करते नहीं और किसी के बाप से डरते नहीं.
शेरों का शिकार नहीं किया जा सकता क्योंकि शेर बाज़ की निगाहों से चलते हैं.
दुश्मन चाहे जितने भी बड़े हो हमारे अंदाज के आगे सब छोटे ही लगते हैं.
Gangster Shayari In Hindi

जो व्यस्त थे वह व्यस्त ही निकले, वक्त पर फालतू लोग ही काम आए.
हम भी नवाब हैं लोगों की अकड़ धुएं की तरह उड़ा कर, औकात सिगरेट की तरह छोटी कर देते हैं.
अब वह तालुका नहीं रहा कि तुम शिकवा करो और हम वजाहत देते.
टूटा हूं मगर हार नहीं हूं अकेला हूं मगर बेसहारा नहीं.
मिल सके जो आसानी से उसकी ख्वाहिश किसी है, ज़िद्द तो उसकी है जो मुकद्दर पर लिखा ही नहीं.
शख्सियत चाहे जितनी भी बड़ी क्यों ना हो, औकात में रहोगे तो तब ही इज्जत मिलेगी.
बेटा तू जो कुत्ते की तरह भोक्ता है तुझे मैं सच में अगर कुत्ता नहीं बना दिया तो कहना.
इस शहर की हवा तक हमारे खिलाफ नहीं चल सकी तो दुश्मन की हैसियत ही क्या है.
Gangster Shayari For Instagram

अगर तुम सोचोगे हमारी उड़ान की तो हमेशादूर ही खाओगे, हमें बस में करना तुम्हारी औकात से पड़े हैं.
कोशिश तो सब की जारी है वक्त ही बताएगा कौन किस पर भारी है.
बिना बात के हम किसी से कोई अदा नहीं करते, अगर कोई हमसे हेट तो हम उसे छोड़ना नहीं करते.
अब तक जो भी मेरे खराब खड़े हुए हैं सभी कब्र में पैर फैलाए हुए पड़े हैं.
जीने वालों को हम छोड़ते नहीं जो हमने वादा किया हो उसे हम मूर्ति नहीं.
जो साथ रहकर संभाल नहीं सके वह अलग होकर क्या उखाड़ लेंगे.
गैंगस्टर शायरी हिंदी में

हमें शौक नहीं है दुश्मन बनाने का पर जब भी बनाते हैं उसे हमेशा के लिए सलाह देते हैं.
हम बुरे लोग हैं जो सिर्फ बुरे वक्त में ही काम आते हैं.
हमारा सिर्फ नाम ही काफी है डरावने के लिए हमारी परछाई भी क़यामत है.
दुश्मनी गलती से भी की तो जान लेने के लिए भी हर टाइम तैयार है.
वैसे तो दिल मेरा बहुत बड़ा है पर हर किसी की औकात नहीं जो इसमें आ सके.
प्यार से बात करोगे तो प्यार ही पाओगे अगर गलती से भी दुश्मनी करोगे तो बेफिजुर में मारे जाऊंगी.
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जौहर से नहीं दुश्मन के शोर से पता चलता है.
Gangster Shayari 2 Line

हम वह हैं जो अपने दुश्मनों के दिलों में खौफ पैदा करते हैं और अपने दोस्तों के दिलों में प्यार.
अगर फोन खानदानी हो, तो वफादारी विरासत में मिलती है मेरी जान.
जिनके अंदाज अजब होते हैं उनके दुश्मन हज़ारों होते हैं.
हम दुश्मन को भी सिखा देते हैं इज्जत और प्यार का मतलब.
कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं लोग हमें बिगड़ा हुआ हुआ नवाब कहते हैं.
जहां से तेरी बदमाशी खत्म होती है, वहां से मेरी नवाबी शुरू होती है.
सब ने अपनी अपनी औकात दिखाई है अब औकात दिखाने की बारी मेरी है.
हमें हाथ में खंजर नहीं आंखों में थोड़ा पानी भी चाहिए हमें दुश्मन थोड़ा बदमाश चाहिए.
गैंगस्टर शायरी स्टैटस

जुबान नहीं दिमाग चलाता हूं इसलिए ही तो जलने वालों को थोड़ा और जलाता हूं.
सुना है तुझ में बहुत दम है चलो देखते हैं आज तुम्हारे सामने हम हैं.
जिस चीज का तुम्हे खौफ है उसे चीज का हमें शौक है.
बदमाशी छोड़ दी हमने दुश्मन जानते हैं, अभी भी खूब देखकर हमें बात मानते हैं.
दुश्मनी की बात तू ना करहम दोस्ती वहांकरते हैं जहां लोग दुश्मनी करने से डरते हैं.
नवाब है हम नवाब दुश्मन की शक्ल देखकर उसकी औकात बता देते हैं.
पीठ पीछे कौन क्या भोंका है, घंटा फर्क नहीं पड़ता सामने सालों का मुंह तक नहीं खुलता बस इतना ही काफी है.
जिगर वाले का डर से कोई वास्ता नहीं होता हम वहां भी कदम रखते हैं जहां रास्ता नहीं होता.
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पूछे जाने वाले प्रश्न:
निष्कर्ष
मुझे आशा है कि आपको मेरी आज की यह कविता पसंद आयी होगी। और अगर कोई आपको परेशान कर रहा है या आपकी बारी से बाहर बात कर रहा है, तो आप इन कविताओं की मदद से उन्हें आप उनकी औकात उन्हें बता सकते हैं. मैं आपसे बस यही कहना चाहूँगा कि हमेशा खुद पर भरोसा रखें और कभी किसी से मदद न मांगें.
